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यूपी में रेप हुआ तो प्रियंका – सोनिया आग बबूला, लेकिन कांग्रेस शासित राजस्थान में दलित लड़की के साथ रेप हुए तो मौन ?

देश भर दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ती ही जा रही है, देश की बेटियों दरिंदो से असुरक्षित हैं। लेकिन इसको देश में गुस्सा तो हैं पर वहीं कुछ लोग इन सब पर राजनीति पर करने लग जाते हैं। बलात्कार और सामूहिक रेप कि घटनाएं इस क़दर बढ़ रही है कि पूरा देश इसे लेकर परेशान हैं। मंगलवार को यूपी के हाथरस में एक 19 वर्षीय रेप पीड़िता ने दम तोड़ दिया तो इसके बाद एक ऐसी झकझोर देने वाली घटना राजस्थान में भी घटित हुई हैं।

राजस्थान के अजमेर में एक दलित युवती के साथ सामूहिक बलात्कार कि घटना सामने आईं हैं। जिसका आरोपित टीपू सुल्तान हैं, जिसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर इस दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया है। दुष्कर्म पीड़िता ने इसके खिलाफ मामला भी दर्ज करा दिया है और फिलहाल पुलिस मामले की भी जांच कर रही हैं।

रेप पीड़िता दलित युवती मंगलवार 29 सितंबर को अजमेर के रामगंज स्थित अपनी मां के घर जा रही थी। रास्ते में उस क्षेत्र का ही रहने वाला टीपू सुल्तान नामक युवक उसे बहला फुसला कर खेतो में लेकर गया और वहां जा कर उसके साथ गैंगरेप कि घटना को अंजाम दिया। घटना के समय आरोपी टीपू सुल्तान के दो साथी भी वहां मौजूद थे जिन्होंने भी पीड़िता के साथ रेप किया। साथ ही अपराधियों ने पीड़िता के मुंह में कपड़े ठूंस दिए ताकि वह चीख नहीं सके।

टीपू सुल्तान और उसके साथियों ने युवती को लगभग 8 घंटों तक बंधक बना कर रखा और उसे यातनाएँ भी दीं। इसके बाद रात के लगभग 1 बजे आरोपित टीपू सुल्तान ने युवती को उसकी माँ के घर छोड़ा और वहाँ धमकी भी दी कि घटना के बारे में किसी को भी सूचित करने का अंजाम बुरा होगा। इसके बाद पीड़िता ने अपनी पूरी आपबीती अपने घर वालों से बताई। जिसके बाद उन्होंने थाने में जा कर रिपोर्ट कराई।

इसके बाद बुधवार (30 सितंबर 2020) को युवती ने अपनी माँ और भाई के साथ रामगंज थाने में पूरे घटनाक्रम की जानकारी और मामला दर्ज कराया। पुलिस ने बलात्कार की धाराओं और अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में जाँच शुरू कर दी है। घटना की वजह से ग्रामीणों में आक्रोश है, इस घटना पर स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुलिस जल्द से जल्द कार्रवाई नहीं करती है तो क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा। घटनाक्रम की जाँच रामगंज थाने के थानाध्यक्ष मुकेश सोनी के अंतर्गत की जा रही है।

समझने वाली बात यह है यह कांग्रेस शासित प्रदेश में घटना घटी इस पर प्रियंका या राहुल, सोनिया गांधी की एक आवाज़ भी नहीं निकली जा जबकि बीजेपी शासित यूपी में घटी तो बाकायदा इन्होंने ट्वीट और वीडियो जारी कर अपनी बात कही । इसे ही तो कहते हैं सेलेक्टिव मुद्दों पर बोलना

Written by Devraj Dangi

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