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नरेंद्र मोदी का खुला सपोर्ट करते थे बाला साहेब ठाकरे, लेकिन आज की शिवसेना बदल चुकी है

शिव सेना और बीजेपी अब अलग – अलग है, पहले दोनों साथ थी। बीजेपी – शिवसेना ने मिलकर महाराष्ट्र में सरकारें चलाई लेकिन इसके बाद विधानसभा चुनाव में दोनों दल अलग – अलग हो गए। शिव सेना ने सत्ता के खातिर अपनी सबसे पुरानी सहयोगी पार्टी को छोड़ दिया और धुरविरोधी कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाई।

शिवसेना की स्थापना स्व. बाल केशव ठाकरे उर्फ बाला साहेब ठाकरे ने कि थी यह एक क्षेत्रीय दल हैं। बाला साहेब ठाकरे हिंदू के प्रबल और कट्टर समर्थक थे। इसके चलते वह नरेंद्र मोदी का भी सपोर्ट करते थे। उन्होंने जीवित रहते वह कभी भी सीएम नहीं बने।

एक बार उन्होंने वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में एक सभा में कहा था कि “मोदी गया तो गुजरात गया।” दरअसल, यह एक बहुत पुरानी बात है लगभग गोदारा कांड के आसपास कि बात हैं।

बात यह है कि बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी एक बार बाला साहेब ठाकरे से मिलने गए थे और साथ में बीजेपी के दिवंगत नेता प्रमोद महाजन भी थे। बाला साहेब के मुताबिक, आडवाणी जी प्रमोद महाजन से कहते हैं कि प्रमोद तुम बाहर जाओ थोड़ा सा मुझे ठाकरे जी से बात करनी है। आडवाणी जी बाला साहेब ठाकरे से पूछते हैं कि आप नरेंद्र मोदी के बारे में क्या सोचते हैं। तो ठाकरे ने कहा यह आपकी पार्टी का नेता है यह आप जानते हैं । तो आडवाणी ने कहा कि उसे लेकर तोड़ा तिक्कत चल रही हैं, तो बाला साहेब ठाकरे कहते है कि “अगर मोदी गए तो गुजरात गया।”

इससे साफ होता है कि बाला साहेब ठाकरे भी मोदी को जानते थे, उन्हें पता था मोदी एक दिन आगे जाएगा लेकिन उनके बाद उनके बेटे उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना अब कैसे बदल गई है।

Written by Devraj Dangi

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