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भारत के 7 विशाल हिन्दू मंदिर जिन्हें क्रूर औरंगजेब ने कराए थे विध्वंश और बना डाली मस्जिदें, पूरी लिस्ट देखें

मुगल वंश के 6 वें और अकबर के बाद सबसे अधिक समय तक शासन करने वाले मुगल  बादशाह औरंगजेब अंतिम योग्य मुगल शासक था। औरंगज़ेब के कट्टरपंथी मुस्लिम शासक था। यह अपने सारे नियम कुरान यानी इस्लामिक कानून के मुताबिक चलता था । यह हिंदुस्तान को एक इस्लामिक मुल्क बनाना चाहता था, खैर वह इसमें कामयाब नहीं हो सका।

औरंगज़ेब के शासनकाल में कई हिन्दू मन्दिरों को तोड़ा गया, उनके स्थान पर मस्जिदें बनवाई, हिंदुओ पर तीर्थ कर जाजिया लगाया। जबरन हिन्दुओं को मुस्लिम बनाने का दबाव भी डाला।यह एक हिन्दू विरोधी शासक था जिसने हिन्दू मंदिरों को ही नहीं तोड़ा बल्कि हिन्दू त्योहारों पर भी रोक लगा दी थीं।

आइए जानते हैं औरंगज़ेब के शासन काल में उसने कितने प्रमुख हिन्दू मंदिरों को तोड़कर मस्जिदें बनवाई:

1: काशी विश्वनाथ

काशी विश्वनाथ हिंदुओ का सबसे पवित्र तीर्थ स्थल हैं, यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक हैं। इस मन्दिर का निर्माण लगभग 2050 वर्ष पूर्व हुए था। इसका पुनर्निर्माण विक्रमादित्य ने करवाया था।

काशी विश्वनाथ मंदिर साथ में ज्ञानवापी मस्जिद

वर्ष 1664 में इस मंदिर को ध्वस्त करने का आदेश मुगल बादशाह औरंगजेब ने दिया। इस मंदिर को तोड़कर यहां पर मस्जिद बनवाई गई, जिसे ज्ञानवापी मस्जिद के नाम से जाना जाता है। इस मस्जिद की दीवारों पर देखने से बता चल जाता है कि यह मंदिर के अवशेषों पर खड़ी हैं।

बाद में इसका पुनर्निर्माण इंदौर की महारानी अहिल्या बाई होलकर ने करवाया था, काशी विश्वनाथ मंदिर, जिस पर बाद में पंजाब के महाराजा रणजीत सिंह ने सवर्ण जड़वाया था।

2: केशव राय मंदिर, श्री कृष्ण जन्मभूमि, मथुरा

केशव राय मंदिर को ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि के नाम से जाना जाता है। यह वही जगह हैं जहां राजा कंस के कारागार में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था।

मथुरा विवादित शाही इमाम गाह मस्जिद

इस मंदिर पर वर्ष 1669 में मुगल बादशाह औरंगजेब ने तोड़ने का आदेश दिया, लेकिन जाट वीर गोकुला से लड़ाई हुई और उसके रहते वह मंदिर में प्रवेश नहीं कर सके। यहां पर मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाई गई जिसे वर्तमान में शाही इमाम गाह मस्जिद के नाम से जाना जाता है।यह ढांचा भी हिन्दू मंदिर पर खड़ा हैं को स्पष्ट दिखाई देता है।

श्रीकृष्ण मंदिर, मथुरा

बाद में जाट राजा सूरजमल ने पुनः इस मंदिर का भव्य। निर्माण कराया था। वर्तमान में इससे जुड़ा मामला कोर्ट में चल रहा है । हाल में यह पूरी भूमि हिन्दुओं को सौंपने की मांग उठी है।

3:हर्षनाथ शिवजी मंदिर, सीकर, राजस्थान

राजस्थान के सीकर में स्थित भगवान शिव का मंदिर जिसे हर्षनाथ शिवजी के नाम से जाना जाता हैं। इस मंदिर का निर्माण चौहान शासक विग्रहराज प्रथम के शासन में वर्ष 973 ईसवी में शैव संत भरवत ने करवाया था । जिसे औरंगज़ेब ने तुड़वाया था।

श्री हर्षनाथ मंदिर, सीकर राजस्थान

4: विजय मंदिर, विदिशा

विजय मंदिर विदिशा जिसे बिजामंडल नाम से वर्तमान में जाना जाता है। इस हिन्दू मंदिर का निर्माण चालुक्यावंशी राजा कृष्ण के प्रधानमंत्री वाचस्पति ने करवाया था । भेलिस्वामिन यानी सूर्य मंदिर, क्योंकि यह सूर्यवंशी थे। इस सूर्य मंदिर का निर्माण 10-11 सदी में हुआ था।

विजय मंदिर को मस्जिद में बदला, विदिशा, म.प्र.

1682 में औरंगज़ेब ने तोपो से इस मंदिर को उड़वाया था, फिर इसके अष्टकोशिय आकर को बदलकर चतुकोष्यि किया । पत्थरों को चार मीनार बना कर उसे मस्जिद का रूप से दिया।आज भी यहा एक तरफ मंदिर और एक तरफ मस्जिद यानी ईदगाह हैं।

5: अष्टभुजा मंदिर, गोंडे गांव, प्रतापगढ़, यूपी

हिन्दू देवी का यह प्राचीनतम मंदिर लखनउ से 117 किमी दूर प्रतापगढ़ गोंडे गांव में स्थित है। अष्टभुजा यानी देवी की मूर्ति में आठ हाथ होने के कारण इसका नाम अष्टभुजा पड़ा। इस मंदिर का निर्माण 11 वीं सदी में हुआ ।

अष्टभुजा देवी मंदिर, प्रतापगढ़

वर्ष 1697 में औरंजेब ने इस मंदिर को तुड़वाया था। बताया जाता है कि पुजारी ने मंदिर के तोड़ने के डर से इसके मुख्यद्वार को मस्जिद के आकर में परिवर्तित करवाया था। इस मंदिर कि मूर्तियां आज भी खंडित हैं ।

6: बालाजी मंदिर चित्रकूट

वर्ष 1683 में औरंगज़ेब ने चित्रकूट में स्थित बालाजी मंदिर को तोड़ने का आदेश किया। जब उसकी सेना मंदिर को तोड़ने लगी तो उनका पेट दर्द करने लगा। औरंगज़ेब ने उन्हें ठीक करवाने की खूब कोशिश कि लेकिन वह ठीक नहीं हुए। तो किसी ने बताया कि नजदीक में एक बाबा रहते हैं उनके पास जाओ वह ठीक कर देंगे। तब जा कर वह ठीक हुई, इसके बाद बादशाह ने इसे नहीं तोड़ा।

7: सोमनाथ मंदिर, गुजरात

विश्व प्रसिद्ध सोमनाथ का शिव मंदिर, जिसका निर्माण 815 ईसवी में प्रतिहार शासक नागभट्ट ने करवाया था। इस मंदिर पर वर्ष1297 में महमूद गजनवी ने आक्रमण किया था। उसके बाद वर्ष 1706 में औरंगज़ेब ने इस मंदिर को तोड़ने का आदेश दिया था।

सोमनाथ का शिव मंदिर, गुजरात

बाद में इस मंदिर के वर्तमान स्वरूप का निर्माण भारत के प्रथम गृह और उप प्रधानमंत्री स्व. सरदार पटेल ने आजादी केबाद करवाया था।

Written by Devraj Dangi

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