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CM योगी का बड़ा फैसला, बच्चियों और महिलाओं के साथ अपराध और दुराचार करने वालाओं के पोस्टर चौराहे पर लगाए!

देश भर में अपनी अलग ही पहचान बना चुके योगी, एक मात्र ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो अपने फैसले लेने के लिए जाने जाते हैं, जो अपने ही अंदाज में फैसले लेते हैं, बड़े- बड़े फैसलों के लिए जाने हैं। जिनके नाम से अपराधी खौफ खाते हैं। अब सीएम योगी ने महिला सुरक्षा को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। योगी ने आज गुरुवार को निर्देश देते हुए कहा कि, “महिलाओं, लड़कियों और बच्चियों से छेड़खानी, दुर्व्यवहार, अपराध, यौन अपराध करने वाले अपराधियों के सारेआम चौराहों पर पोस्टर लगाए जाएं।” यूपी की योगी सरकार ने इसे “ऑपरेशन दुराचारी” नाम दिया है।

योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तरप्रदेश

उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा पुरानी सरकारों के सुस्त और लाचार प्रशासन को ख़त्म कर एक नई व्यवस्था कायम करने को लेकर अब नया फैसला लिया हैं। यह सख्त कदम मनचलों को कड़ा सबक सिखाने का काम करेगा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “महिलाओं से किसी भी तरह का अपराध करने वालों को महिला पुलिस कर्मियों से दण्डित करवाया जाए साथ ही ऐसे लोगों का नाम सार्वजानिक किया जाए।” अगर ऐसा होगा तो निश्चित ही यूपी में अपराधियों पर लगाम लग पाएगी।

यूपी सरकार का यह फैसला अब महिलाओं की सुरक्षा में एक अहम कदम होगा। प्रदेश में महिलाओं या बच्चियों के साथ अपराध करने वाले के बारे में समाज को जानना चाहिए, इसलिए उनके पोस्टर चौराहे – सड़कों या दीवारों पर लागए जाएं। इसके चलते समाज ऐसे दुराचारी, अपराधियों का बहिष्कार करे, उन्हें समाज से दूर रखे।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने ऐसी तमाम अपराधियों ओर दुराचारियों की मदद करने वालो के नाम सार्वजनिक करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। ऐसे कदम उठाने से अपराधियों ओर दुराचारियों में सामाजिक बहिष्कार और बदनामी का डर ऐसे लोगों में पैदा होगा।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बलात्कारियों में उन्हीं लोगों के नाम का पोस्टर छपेगा जिन्हे आदालत द्वारा दोषी ठहराया दिया गया हो। यूपी सरकार के इस मिशन दुराचारी के तहत महिला पुलिस अधिकारी और कर्मियों को इसका जिम्मा दिया जाएगा। यह महिला पुलिस शहर के चौराहों पर अपनी नजर रखेगी।

इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में महिलाओं या बच्चियों के साथ किसी भी प्रकार का दुराचार होता हैं तो इसकी जवाबदेही के लिए संबंधित बीट इंचार्ज यानी प्रभारी, थाना प्रभारी और सी ओ इसके लिए जिम्मेदार होंगे। यानी सीएम ने सभी की जिम्मेदारी भी तय कर दी है।

आपको बता दे कि इससे पहले भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार ने सीएए (CAA) के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन करने वालों के प्रदर्शनकारियों के भी पोस्टर भी राजधानी लखनऊ में लगवाए थे। पीछे वर्ष 19 दिसंबर को यूपी की राजधानी लखनऊ के कई स्थानों पर उपद्रवियों ने सीएए विरोध के नाम पर हिंसा और आग जनी कि थी, जिसमें करोड़ों की सरकारी सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुँचाया गया था।

सीएए के विरोध के नाम पर हुई इस हिंसा में शामिल 57 लोगों के नाम और पते के साथ प्रदेश कि राजधानी लखनऊ शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर कुल 100 होर्डिंग्स यानी पोस्टर लगाए गए थे। वहीं यूपी के प्रशासन ने इससे पहले सभी आरोपितों पर लगभग 1.55 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाते हुए नोटिस जारी किया है, जिसके तहत 8 अप्रैल तक जुर्माने की रकम को जमा करवाना था। इससे साफ होता है कि योगी अपने कड़े फैसलों के लिए जाने जाते हैं।

इसीलिए सीएम योगी देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्रियों में से एक हैं। उनकी चाहत इस कदर हैं कि लोगों में उनको लेकर विश्वास हैं और उनके फैसलों का भी स्वागत करता है।

Written by Devraj Dangi

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