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अक्षरधाम आतंकी हमला: आज ही के दिन हिन्दू आस्था पर किया था आतंकियों ने हमला, कई लोगों ने गंवाई थी जान

देश – दुनिया में विख्यात हिन्दू मंदिर अक्षरधाम में आज से 18 वर्ष पहले हुए आतंकी हमले को लेकर आज बड़ा फैसला माननीय न्यायालय द्वारा दिया गया है। इस आतंकी हमले में 30 श्रद्धालुओं, एक पुलिस अधिकारी और एक कमांडो ने अपनी जान की आहुति दी थीं। इस ही हमले में घायल एक और कमांडो ने दो वर्षों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ी , लेकिन अंत में वह भी मृत्यु को स्वीकार कर लिया ।

गुजरात स्थित अक्षरधाम मंदिर में आज से 18 साल पहले आज ही के दिन 24 सितंबर 2002 को, दो आतंकवादियों ने हमला किया था । जिसमें 30 श्रद्धालु मारे गए थे, वहीं लगभग 80 लोग घायल हो गए थे । माना जाता है कि इस आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा का हाथ बताया जाता है ।
आज से 18 वर्ष पहले 24 सितंबर 2002 को आतंकियों ने अक्षर धाम मंदिर में प्रवेश किया, रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले के दिन यानी 24 सितंबर 2002 के दिन शाम 4 बजकर 45 मिनट के आसपास मंदिर परिसर के गेट नंबर। 3 पर दो आतंकियों को छोड़ा गया। जहां से दोनों आतंकियों ने मंदिर परिसर में घुसने का प्रयास किया लेकिन वह असफल रहे। क्योंकि दरवाजे पर वहां BAPS के स्वयंसेवकों द्वारा सुरक्षा जांच हेतु रोक लिया गया था। BAPS वह संस्था हैं जो, मंदिर का प्रबंधन की देख रेख को संभालती हैं।

मंदिर में आतंकियों ने सुरक्षा जांच को छोड़ कर एक ऊंची बाड़बंदी को फांद कर मंदिर प्रांगण में दाखिला किया था। वह परिसर में निर्मित पार्क से होते हुए गोलाबारी करते हुए आगे बढ़ते गए । वे निर्दोष श्रद्धालुओं पर गोलाबारी करते हुए आगे बढ़ते गए। वे ग्रेनेड फेंकते हुए तेज़ी से मंदिर के मुख्य मार्ग कि तरफ आगे बढ़े। इसके बाद तुरंत मंदिर का मुख्य द्वार को बंद किया गया ।

दूसरे दिन मिली आतंकियों को मारने में

दूसरे दिन सुबह 6:45 बजे कमांडो को मारने में सुरक्षा बलों को कामयाबी मिली, यह आतंकी मंदिर परिसर स्थित प्रदर्शनी हॉल संख्या 3 में समीप झाड़ियों में छिपे हुए थे।

कई निर्दोष लोगों की हुए मौत

इस आतंकी हमले में 30 निर्दोष श्रद्धालुओं समेत एक पुलिस अधिकारी और कमांडो को अपनी जान गंवाने पड़ी। वहीं एक ओर अन्य कमांडो ने दो वर्षों तक लड़ाई लड़ी, लेकिन अंत में उसकी भी वीरगति को प्राप्त हो गए ।

इसके बाद 7 अक्टूबर 2002 को अक्षर धाम मंदिर को पुन खोला गया था। इस आतंकी हमले के बाद ।

अक्षरधाम मंदिर मामले में अदालत ने 6 व्यक्ति को दोषी ठहराया और उन्हें सजा भी दी लेकिन 2014 में सबूतों की कमी के कारण सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें बरी कर छोड़ दिया। इस आतंकी हमले के मामले में फरार एक अन्य आरोपी को ATS ने बाद में 2019 में जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार किया था।

Written by Devraj Dangi

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