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भारत के आगे झुकने को मजबुर हुआ चीन, सीमा विवाद को लेकर मानी यह शर्त…

भारत – चीन के बीच पिछले कुछ महीनों से सीमा विवाद जारी है, कई दौर की वार्ता सैन्य अधिकारियों के बीच हुई लेकिन चीन अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आता है।

इस भारत ने भी चीन को साफ संदेश दे दिया कि, भारत चीन की गीदड़ भभकी से डरने वाला नहीं है। दोनों सेनाओं के बीच सबसे पहले 14 जून को हिंसक झड़प हुई थी जिसमें 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे जबकि चीन ने अपने नुकसान के बारे में नहीं बताया।

इसके बाद 29-30 अगस्त की रात को भी दोनों सेनाओं के बीच कई वर्षों के बाद गोली बारी हुई थी। लेकिन भारत ने इसके बाद एलएसी की कई महत्वपूर्ण चोटियों पर अपना अधिकार कर लिया है।

लेकिन अब चीन भारत के ताकत को देख पस्त होता नजर आ रहा है और बातचीत से हाल निकालने के लिए टेबल पर आ गया। उनसे। भारत की शर्तो को मान लिया हैं। इसके मुताबिक चीन और भारत अब और सैनिक सीमा पर नहीं बुलाएंगे।

वैसे दोनों देश इस मुद्दे पर सहमत हुए हैं कि सीमा पर अब और सैनिकों की तैनाती नहीं होगी, लेकिन जो सैनिक पहले से ही सीमा पर डटे हैं, वो वापस कब बुलाए जाएंगे, इस पर कोई सहमति नहीं बनी है। क्योंकि अभी दोनों देशों ने और सैनिक ना बुलाने की बात कही है, लेकिन पहले से ही मौजूद हजारों सैनिक कब वापस होंगे और चीन LAC के जिन इलाकों में आगे बढ़ आया है वहां से कब लौटेगा इसकी कोई रूपरेखा तय नहीं है। ऐसे में सर्दियों में भी बॉर्डर पर भारत की ओर से सतर्कता रह सकती है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना पहले ही संकेत दे चुकी है कि वो किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार है और सीमा से बिल्कुल पीछे नहीं हटेंगे।

निश्चित ही यह भारत के मजबूत इरादे का नतीजा है और सैनिकों द्वारा लद्दाख में अपनी मजबूत स्थिति कायम करने का भी। भारत ने इसे क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण चोटियों पर कब्जा कर चीन को पस्त कर दिया है।

थल सेना के साथ ही भारतीय वायु सेना भी एलएसी पर निगरानी कर रही हैं।सेना पूरी तरह मजबूत हैं और चीन को सबक सिखाने को तैयार हैं।

Written by Devraj Dangi

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