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कोरोना से जंग हारे ‘नर्मदा पुत्र’ के नाम से मशहूर MLA गोवर्धन दाँगी, कोरोना से मरने वाले प्रदेश के पहले विधायक बने

देश भर में फ़ैल रही वैश्विक महामारी से पूरा देश संकट में हैं, आम से लेकर खास लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। कल 15 सितम्बर 2020 को कोरोना महामारी के चलते मध्यप्रदेश के राजगढ़ ज़िले की ब्यावरा विधानसभा से कांग्रेस विधायक गोवेर्धन सिंह दांगी का कोरोना संक्रमण के चलते दिल्ली की मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। जिनका अंतिम संस्कार उनके गृह ग्राम मोर्चाखेड़ी में 15 सितम्बर 2020 को शाम 6 बजे के करीब किया गया।

विधायक दांगी की कोरोना पॉजिटिव आने के बाद उनकी हालत बिगड़ी थी। पहले उन्हें भोपाल के चिरायु मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था उसके बाद उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल दिल्ली भर्ती किया गया। जहाँ दांगी ने बीती रात कोरोना से लड़ते – लड़ते अंतिम सांस ली। हालांकि 8 सितंबर को उनकी दूसरी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। बाद में हालात बिगड़ने से मौत हो गई है। गोवर्धन दांगी मध्य प्रदेश के पहले विधायक हैं, जिनका कोरोना पॉजिटिव आने के बाद निधन हो गया। वह अपने सहज सरल स्वाभाव, माँ नर्मदा के वरद पुत्र के रूप में जाने जाते थे।

विधायक दांगी के निधन से पुरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई, दांगी के निधन पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, नगरीय मंत्री भूपेंद्र सिंह दांगी, कैलाश विजयवर्गीय समेत सभी वरिष्ठ जनों ने शोक व्यक्त किया।

ब्यावरा विधायक दांगी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘मध्यप्रदेश की ब्यावरा विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक श्री गोवर्धन सिंह दांगी जी के निधन का समाचार मिला। ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान देने की प्रार्थना करता हूं। श्रद्धांजलि।’

पूर्व सीएम कमलनाथ ने दांगी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, ‘राजगढ़ ज़िले की ब्यावरा सीट से हमारे साथी विधायक श्री गोवर्धन दाँगी के निधन का बेहद दुखद समाचार मिला। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। बेहद कर्मठ , जुझारू व्यक्तित्व के धनी श्री दाँगी अपने क्षेत्र के विकास व जनता के हितो के लिये सदैव संघर्षरत रहते थे।’

दांगी का राजनीतिक सफर

ब्यावरा विधायक गोवर्धन दाँगी का जन्म 3 अप्रैल 1958 को राजगढ़ ज़िले के ब्यावरा तहसील के मोर्चाखेड़ी गांव में एक किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने ब्यावरा से BA किया था और वर्ष 1978 में कॉलेज में छात्र संघ के सचिव बन कर छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। इसके बाद वह वर्ष 1995-2000 तक ब्यावरा जनपद पंचायत के सदस्य रहे। इसके 2000-08 तक ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे। दांगी वर्ष 2007-12 तक कृषि उपज मंडी समिति ब्यावरा के उपाध्यक्ष रहे। अखिल भारतीय दांगी क्षत्रिय संघ के ब्यावरा ब्लॉक के अध्यक्ष होने के साथ – साथ वर्ष 2018 में हुए विधान सभा चुनाव में वह पहली बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े और उन्होंने बीजेपी के तत्कालीन विधायक नारायण सिंह पंवार को लगभग 800 मतों से हारकर जीत हासिल की थी।

नर्मदा के वरद पुत्र

विधायक गोवेर्धन दांगी ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के साथ वर्ष 2017 में नर्मदा की पैदल यात्रा की थी। उन्होंने लगभग 3500 किलोमीटर की पैदल यात्रा करी थी। दांगी धार्मिक स्वाभाव के व्यक्ति थे, वह कई हिन्दू मंदिरों और संस्थाओं से जुड़े हुए थे जैसे गायत्री परिवार आदि। इसलिए क्षेत्र के लोग उन्हें नर्मदे पुत्र कहती थी।

दांगी के निधन पर क्षेत्र की जनता में वेदना थी, उनकी अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में उनके चाहने वाले, लोग उमड़े, अपने नेता को याद करते हुए जिंदाबाद के नारे लगाए। विधायक दांगी को अपने बेटे डॉक्टर विश्वनाथ दांगी ने मुखाग्नि दी।

उनके निधन पर राजगढ़ कलेक्टर नीरज कुमार शर्मा, पूर्व नगरीय प्रशासन मंत्री और राघोगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह, पूर्व ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह, विधायक लक्ष्मण सिंह, बापू सिंह तंवर, पूर्व विधायक नारायण सिंह पंवार, अमर सिंह यादव, पुरुषोत्तम दांगी, दांगी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व विधायक हजारीलाल दांगी, मोना सुस्तानी समेत कई नेता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

सांसद प्रज्ञा सिंह को लेकर आये थे सुर्ख़ियों में

गोवर्धन दांगी ने पिछले साल 8 दिसंबर को बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह को लेकर एक विवादित बयान दे दिया तब वह मीडिया की सुर्ख़ियों में आये थे।

Written by Devraj Dangi

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