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लौकडाउन ने कर दिया बेरोजगार, तो बना डाली लकड़ी की साइकिल

कोरोना महामारी के चलते पुरे में लॉकडाउन लगाना पड़ा जिसके कारण कई कारखाने बंद हो गए, कई सारे लोग बेरोजगार हो गए। ऐसे में हर व्यक्ति के आगे काम का संकट छा गया, लोगों की रोजी – रोटी छीन गई। लोगों परेशान हो गए लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो हालात को अवसर में बदलना भली भांति जानते हैं। उन्हें उनकी कला ने नई पहचान दिलाती हैं। हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को सम्बोधित करते हुए ‘लोकल से वोकल’ और आत्मनिर्भर भारत जैसे मन्त्र इस महामारी के दौरान दिए।

Raat Ka nsha
Credits: Navbharattimes

प्रधानमंत्री आपदा को अवसर में बदलने की बात भी कही हैं, ऐसा ही काम किया हैं लॉकडाउन के चलते बेरोजगार हुए युवक, जिसने अपने आईडिया का इस्तेमाल करते हुए वह ‘लोकल से वोकल’ बना गया। उसका आईडिया इतना शानदार था कि जिसकी चर्चा भारत ही नहीं बल्कि विदेश में भी हो रहीं हैं।

Credits: Navbharattimes.com

लॉकडाउन के चलते अपना काम खो देने वाले पंजाब के जीरकपुर में रहने वाले 40 वर्षीय युवक धनीराम सग्गू ने अपनी कला और आईडिया के बेहतरीन तालमेल से आज वह ‘लोकल से वोकल’ बन गया हैं। पेशे से बढ़ाई यानी कारपेंटरी का काम करने वाले सग्गू के ऊपर भी लॉकडाउन की मार पड़ी और वह बेरोजगार हो गया।

सग्गू ने पास करने के लिए कुछ नहीं था लेकिन उसके पास कुछ प्लाईवुड यानी लकड़ी थी क्योंकि वह कारगरी का काम करता था और इसके अलावा के पुरानी साइकिल। उसको आईडिया आया और उसने बची हुई प्लाईवुड और पुरानी साइकिल से एक नई लकड़ी की साइकिल तैयार कर दी और आज वह सब के लिए चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

धनीराम ने सबसे पहले साइकिल के मैकेनिज़्म को समझा और उसकी इंजीनियरिंग को बारकी से जाना, इसके बाद उन्होंने एक साइकिल का ब्लूप्रिंट तैयार किया। उन्होंने एक शानदार साइकिल को बना भी डाला, जिसमे उन्होंने पुरानी साइकिल के रिंग, सीट सहित कई समानो का उपयोग किया हैं। उन्हें यह साइकिल तैयार करने में लगभग एक माह का समय लगा। इसके बाद उन्होंने दुसरे प्रयास में कैनेडियन वुड की साइकिल बनाई जो ज्यादा हल्की और टिकाऊ हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस साइकिल का वजन 20 -22 किलों हैं जिसे कम करने पर काम धनी राम कर रहे हैं। इस शानदार साइकिल में पावर ब्रेक भी हैं। इस साइकिल को एक निजी कम्पनी 15 हजार रुपये तक बेच रही हैं और जिसकी डिमांड दक्षिण अफ्रीका और कनाडा में भी हैं। वह अभीतक ऐसी 8 साइकिल बेच चुके हैं और अभी 5 अन्य साइकिलो पर काम कर रहे हैं।

Written by Devraj Dangi

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