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राज्यसभा ने NDA ने दिखाई शक्ति, JDU के हरिवंश बने उपसभापति, PM ने बताया शानदार ‘अंपायर’

कोरोना महामारी के बीच पुरे नए अंदाज में शुरू हुए मानसून सत्र का पहला दिन ही सत्ताधारी NDA के लिए खुशियों वाला रहा हैं जहाँ एक ओर विपक्ष सरकार को कोरोना महामारी से जुड़े सवालों के साथ आर्थिक और बेरोजगारी के मुद्दे पर घेरने की तैयारी कर हैं। इसी सत्ताधारी NDA को राजयसभा में अपनी ताकत दिखाने का मौका मिला और वह कामयाब भी रहे। राज्यसभा के उपसभापति के लिए हुए चुनाव में NDA के प्रत्याशी ने विपक्ष के सभी दलों के साझा उम्मीदवार को हरा दिया हैं और एक बार फिर से राज्यसभा के उपसभापति की कुर्सी पर NDA का कब्जा हो गया हैं।

सत्ताधारी NDA की तरफ से राज्यसभा उपसभापति पद के लिए वर्तमान उपसभापति और JDU सांसद हरिवंश सिंह ने विपक्षी दलों के साझा उम्मीदवार और RJD के सांसद और वरिष्ठ नेता मनोज झा को हराया हैं। उपसभापति चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई तो बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, नरेंद्र तोमर और नरेश गुजराल ने हरिवंश के समर्थन में प्रस्ताव रखा वही कांग्रेस की तरफ से आनंद शर्मा, गुलाम नबी आज़ाद, त्रिची शिवा ने RJD के मनोज झा के समर्थन का प्रस्ताव रखा था। जिसमे NDA के उम्मीदवार हरिवंश सिंह की जीत हुई।

पीएम मोदी ने एक अच्छा उम्मीदवार बताया

जेडीयू सांसद हरिवंश के फिर से राज्यसभा के उपसभापति के रूप में चुने जाने पर बधाई देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ”मैं हरिवंश को बधाई देना चाहता हूं। एक पत्रकार या सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में हो, उन्होंने खुद को साबित किया है। हमने उनके सदन की कार्यवाही के संचालन के तरीके को देखा है।”

पीएम ने कहा ‘हरिवंश सभी पक्षों से संबंधित रहे हैं। उन्होंने निष्पक्ष तरीके से कार्यवाही का संचालन किया है। वह एक शानदार अंपायर रहे हैं और आने वाले समय में भी ऐसा ही रहेगा। वह हमेशा अपने कर्तव्यों को निभाने में मेहनती रहे हैं।’

आपको बता इससे पहले एनडीए की ओर से जेडीयू सांसद हरिवंश सिंह ने पिछले हफ्ते बुधवार को अपना नामांकन दाखिल किया था, जबकि मनोज झा ने शुक्रवार को नामांकन दाखिल किया था। हरिवंश पत्रकार रहे हैं और बिहार से आने के चलते वह बिहार की सियासत को करीब हैं।

जबकि विपक्षी उम्मीदवार रहे आरजेडी सांसद मनोज झा दिल्ली विश्वविद्यालय के सामाजिक कार्य विभाग में प्रोफेसर हैं। वो आरजेडी के राज्यसभा सासंद होने के साथ-साथ पार्टी के प्रवक्ता होने नाते मुखर आवाज भी हैं। एक अच्छे वक्ता और अनुभवी नेता हैं।

हरिवंश पत्रकार भी रहे हैं

राज्यसभा के उपसभापति के लिए निर्वाचित हुए राज्यसभा सांसद बनने से पहले हरिवंश नारायण सिंह की पहचान एक पत्रकार के तौर पर रही थी। आपको बता दे कि हरिवंश का जन्म देश के जाने – माने राजनेता रहे जिन्होंने इंदिरा गाँधी के सिंहासन जयप्रकाश नारायण के गांव सिताब दियारा में हुआ। वह शुरू से ही समाजवादी विचारधारा के रूप में जाने जाते थे। वारणसी से शिक्षा हासिल करने के दौरान ही हरिवंश सिंह जेपी आंदोलन से जुड़ गए थे। इसलिए उनका झुकाव समाजवादी विचारधारा के समर्थक और अनुनायी रहे हैं।

जेपी आंदोलन के बाद हरिवंश ने पत्रकारिता में कदम रखा और करीब चार दशक तक पत्रकारिता में सक्रिय रहे। उन्होंने देश के कई प्रमुख अखबारों के लिए काम किया और 1989 में प्रभात खबर शुरू किया। वर्ष 2014 में जेडीयू ने उन्हें राज्यसभा भेजा और 2018 में राज्यसभा के उपसभापति चुने गए, लेकिन इस साल उनका कार्यकाल पूरा हो जाने के चलते अब दोबारा से उसी पद के लिए मैदान में उतरे और जीत हासिल की। एक बार फिर जेडीयू से उम्मीदवार रहे हरिवंश सिंह ने जीत दर्ज कर NDA की ताकत दिखाई हैं।

Written by Devraj Dangi

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