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बेटी ने हिन्दू से शादी की, इसलिए बाप के शव को समुदाय विशेष के लोगों ने कब्रिस्तान में दफनाने से रोका ? पुलिस के हस्तक्षेप के बाद हुआ अंतिम संस्कार

भारत का संविधान सभी लोगों के लिए समानता की बात करता हैं, हर कोई किसी ही समुदाय में शादी कर ले, सभी को स्वतंत्रता हैं। लेकिन यह खबर पढ़कर आपको लगेगा की एक मुस्लिम लड़की ने हिन्दू लड़के से विवाह कर लिया, जिसके चलते उस लड़की के बाप को कब्रिस्तान में दफ़न करने से रोका गया।

मप्र के श्योपुर में एक मामला सामने आया हैं जहाँ एक हिंदू लड़के से शादी करने पर समुदाय विशेष की महिला को अपने समुदाय की प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। रवीना शर्मा (विवाह के बाद बदला हुआ नाम) नाम की इस महिला के अब्बू की जब मौत हुई, तो उसके समुदाय द्वारा उस मृतक व्यक्ति को कब्रिस्तान में दफनाने से रोक दिया गया। यहाँ तक कि बाद में पुलिस विभाग में आईजी स्तर के हस्तक्षेप के बाद ही महिला के पिता के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हो पाई। लेकिन सवाल यह कि क्या उसकी बेटी ने गैर धर्म में शादी की हैं जिससे उस व्यक्ति जा भी धर्म बदल गया ? क्या वह भी इस्लाम से हिन्दू हो गया ?

कुछ मीडिया ख़बरों के मुताबिक, रविवार (सितम्बर 06, 2020) को श्योपुर सलपुरा कब्रिस्तान के पास पुराने घरों में रहने वाली रवीना के अब्बू इदा खान की मौत हो गई। लेकिन समुदाय विशेष के कुछ लोगों ने शव को कब्रिस्तान में दफनाने का विरोध किया। रवीना ने अपने समुदाय के लोगों से बहुत प्रार्थना की लेकिन उनकी बातों का लोगों पर कोई प्रभाव नहीं हुआ। इसके पीछे का कारण यह है कि मृतक व्यक्ति जिसके शव को कब्रिस्तान में दपनाने से रोका गया हैं उसकी बेटी रवीना का अपराध यह था कि उसने कुछ ही समय पहले एक हिन्दू युवक से लव मैरिज की थी। और इसी कारण उसके पहले मजहब के लोगों ने उसे सबक सिखाने का यह अमानवीय तरीका अपनाया। क्या इस्लाम यही सीखता हैं और ऐसे करने वाले लोगों के पास जरा सी भी इंसानियत नहीं थी जो उन्होंने एक मुर्दे व्यक्ति को दफनाने से रोक दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,पीड़ित लड़की रवीना के अब्बू इदा खान का शव कब्रिस्तान में दफनाने से रोका गया तो उसने स्थानीय पुलिस से मदद माँगी लेकिन पुलिस से भी उसे कोई मदद नहीं मिली। इसके बाद चंबल आईजी से फोन पर मदद माँगी गई और स्थानीय पुलिस मदद के लिए मौके पर पहुँची। मौके पर पुलिस के पहुँचने के बाद ही रवीना के अब्बू इदा खान का अंतिम संस्कार हो पाया। लेकिन फिर इदा खान को उस कब्रिस्तान में नहीं दफनाने दिया उन्हें दूसरी जगह दफनाया गया।

जानिये पुरे मामले पर पुलिस ने क्या कहा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बताया जा रहा है कि इस कब्रिस्तान की जमीन पर वक्फ कमेटी और इदा खान के बीच एक केस चल रहा है। इसी विवाद के चलते कब्रिस्तान की भूमि पर एक घर के निर्माण को लेकर इदा खान की बेटी रवीना शर्मा की रिपोर्ट पर एक FIR भी दर्ज की गई थी। पुलिस का कहना है कि पिछले दिनों ही जमीन पर मकान बनाने को लेकर 30 लोगों ने इदा खान पर हमला भी किया था। लेकिन मामला जो भी हो फिर भी इंसानियत के नाते उन्हें उस व्यक्ति के परिजनों को अंतिम संस्कार में नहीं रोका जाता हैं।

जबकि इदा खान की बेटी रवीना ने आरोप लगाया है कि ”उसके समुदाय के लोग इस कारण भी उससे नाराज हैं क्योंकि उसने अपने मजहब के बजाए एक हिन्दू युवक से विवाह किया था।” रिपोर्ट्स के अनुसार, श्योपुर पुलिस का कहना है कि शव को दफनाने से रोका जरूर गया था, लेकिन किसी अन्य धर्म में बेटी की शादी को लेकर विवाद जैसी कोई बात नहीं थी। बल्कि जमीन का विवाद था जिसके जलते ऐसा हुआ हैं।

Written by Devraj Dangi

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