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देश की गिरती अर्थव्यवस्था के बीच भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 541.43 अरब डॉलर के साथ अबतक के सबसे उच्चतम स्तर पर पंहुचा !

पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था कोरोना संकट के चलते उलटे मुंह गिरी हुई हैं, वही हाल भारत सरकार द्वारा जारी तिमाही के नतीजे बेहद ही निराशा जनक रहे हैं। वही बीती तिमाही नतीजे भारत के लिए भी निराशाजनक रहे हैं, हमारी आर्थिक ग्रोथ -23% नेगेटिव चली गई हैं। लेकिन इसी बीच मोदी सरकार के लिए राहत की खबर विदेशी मुद्रा भंडार को लेकर आई हैं।

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 28 अगस्त को खत्म हुए सप्ताह के दौरान 3.883 अरब डॉलर बढ़ोत्तरी के 541.431 अरब डॉलर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले 21 अगस्त को खत्म सप्ताह के दौरान यह 2.296 अरब डॉलर चढ़कर 537.538 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंचा था। विदेशी मुद्रा भंडार ने इस वर्ष पांच जून को खत्म सप्ताह के दौरान पहली बार 500 अरब डॉलर पार करने का रिकॉर्ड बनाया था। यह अबतक का सर्वोच्च स्तर हैं।

भारतीय केंद्रीय बैंक यानी आरबीआई के मुताबिक, 28 अगस्त को खत्म सप्ताह के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (FCA) में बड़ी बढ़त दर्ज की गई हैं। इसके चलते विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान एफसीए में 3.925 अरब डॉलर का उछाल आया। एफसीए में डॉलर को छोड़ यूरो, पाउंड व अन्य मुद्राओं के भंडार में उतार-चढ़ाव को शामिल किया जाता है। इसकी गणना भी डॉलर में ही होती है। समीक्षाधीन सप्ताह के आखिर में देश का स्वर्ण भंडार 6.4 करोड़ डॉलर फिसलकर 37.2 अरब डॉलर मूल्य का रह गया। हालांकि यह सब अंतर्राष्ट्रीय बाजार के उतराव – चढ़ाव निर्भर करता हैं।

आपको यह भी बता दें कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार सार्क देशों में सबसे बेहतर है। वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते छह दशकों में भारत के रिज़र्व भंडार में काफी बढ़ोत्तरी हुई है। भारत का 1960 में कुल रिजर्व भंडार 67 करोड़ डॉलर था जो 2020 में बढ़कर 541.431 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है। यह अपने आप में भारतीय अर्थव्यवस्था की क्षमताओं को दर्शाता हैं।

आपको यह भी बता दे कि, बीते कुछ सालों से तो भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में तेजी से वृद्धि हुई है। भारत ने विदेशी मुद्रा भंडार के मामले में रूस और दक्षिण कोरिया को भी पीछे छोड़ दिया है। चीन और जापान जैसे देश ही विदेशी मुद्रा भंडार के मामले में सबसे आगे हैं। गौरतलब है कि लॉकडाउन के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार तेजी से बढ़ा है। यह भी एक चौकाने वाली बात हैं।

Written by Devraj Dangi

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