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भारत का “क़्वार्ड प्लान” जिससे थर-थर काँपता है चीन- पढ़ें इस प्लान के बारे में

चीन अपनी विस्तारवादी नीति के चलते दुनिया के कई देशों से दुश्मनी मोल ले रहा हैं। अब चीन को घेरने के भारत के अलावा कई सारे देश चीन को सबक सिखाने की फिराक में हैं। इस पूरी प्लानिंग को अंजाम देने के दिल्ली में एक बड़ी बैठक होने वाली हैं। ये वो मीटिंग होगी, जिसमे फैसला होगा कि कैसे ड्रैगन को घेरने के लिए दुनिया के अन्य देशों को जोड़ा जाए और कैसे इस प्लान को अंजाम दिया जाए।

Credits: News24online

चीनी ड्रैगन को घेरने के लिए भारत ने ऐसी चाल चल दी है कि चीन की स्थिति अभी से खराब होने का डर सताने लग गया हैं। ड्रैगन को घेरने के लिए भारत ने इस बार जो प्लान तैयार किया है, उसका नाम QUAD है। मतलब साफ है कि ड्रैगन के लिए शह-मात के लिए दिल्ली में प्लान बनेगा। इस बार चीन को घेरने के लिए जो प्लान बना है, उसके मुताबिक चीन को घेरने के लिए नाटो जैसा संगठन बनेगा। इस QUAD संगठन में अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान एक साथ आ सकते हैं। और अगर ये चारों महाशक्तियां एक साथ आती हैं तो चीन का पसीना छूटना लाजमी हैं।

ड्रैगन की विस्तारवादी नीति के चलते सभी पडोसी मुल्क परेशान हैं और ड्रैगन को सबक सिखाने के लिए इस बार अमेरिका इंडो-पैसिफिक रीजन के अपने साथियों भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया को साथ लाना चाहता है। कहा जा रहा है कि चीन पर लगाम कसने के लिए नार्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन जैसा एक गठबंधन बन सकता है। बताया जा रहा है कि अमेरिका इस लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ा है कि इन चारों देशों के साथ दूसरे देशों को मिलाकर चीन की चुनौती का सामना करना है। अमेरिका के उप विदेश मंत्री स्टीफेन बिगन ने इन बातों की जानकारी दी है। अगर नाटो की दर्ज पर QUAD आगे बढ़ता हैं तो निश्चित ही चीन के लिए यह चिंता वाली खबर हैं।

ड्रैगन को सबक सिखाने की बड़ी तैयारी

संयुक्त राज्य अमेरिका का लक्ष्य है यह चार देशों के साथ दूसरे देशों को मिलाकर चीन की चुनौती का मुकाबला करना। इंडो-पैसिफिक रीजन में मजबूत स्ट्रक्चर की कमी है। उनके पास नाटो या यूरोपीय यूनियन जैसा कोई मजबूत संगठन नहीं है। याद करें कि जब नाटो की शुरुआत हुई थी तो बहुत मामूली उपेक्षाएं थीं। शुरू में कई देशों ने नाटो की सदस्यता लेने के बजाय तटस्थ रहना चुना था। लेकिन आज नाटो के बड़ा मजबूत संगठन के रूप में जाना जाता हैं।

ख़ास बात यह हैं कि यह सब कुछ उस वक्त में हो रहा है जब भारत के सामने ड्रैगन पूरी तरह से पस्त होता दिख रहा हैं। भारत की स्थिति अभी चीन के सामने काफी मजबूत है। ऐसे में चीन के लिए आने वाले दिन काफी गंभीर हो सकते हैं, हालांकि अमेरिका का कहना है कि चारों देशों के बीच गठबंधन तभी होगा जब दूसरे देश भी अमेरिका जैसे ही इस मामले में चाह रखते हों। यानी यह संघठन तभी मूर्त रूप लेगा जब सबकी सहमति होगी।

USA की चाह है कि QUAD यानी क्वड्रीलेटरल सिक्टोरिटी डायलॉग देशों में और भी देशों को शामिल किया जाए, जिसका मकसद है इंडो-पैसिफिक रीजन में पूरी तरह से शांति बनाए रखना है। और चीनी दादागिरी को कम करना। QUAD में और भी देशों को मिलाने का प्लान जिसके तहत इसमें वियतनाम, दक्षिण कोरिया को भी शामिल करने की चर्चा चल रही हैं।

अभी यह स्थिति हैं कि चीन चारों तरफ से घिरा हुआ है। पहले कोरोना वायरस को लेकर दुनिया भर में उसकी थू-थू हुई और अब भारत समेत दुनिया के कई बड़े देशों से चीन जिस तरह उलझा हुआ है, वो चीन के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है। अमेरिका और चीन बीच वैसे हैं लम्बे समय से ट्रैड वार चल रहा हैं। तो पडोसी मुल्क सिंगापुर, ताइवान, नेपाल , भूटान आदि के साथ उसका विवाद जारी हैं।

Written by Devraj Dangi

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