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शिया- सुन्नी आज तक भाई नही हुए, तो भीम और मीम कैसे होंगे: दलित युवक

भारतीय संविधान देश में सभी लोगों को संघ बनाने, अभिव्यक्ति, विचार और उपसना आदि की स्वतंत्रता देता हैं, इसके चलते लोगों खुलकर अपनी बात व्यक्त करते हैं। देश में कई संगठन हैं जिनका लोगों समर्थन करते हैं तो कही संगठनों का विरोध भी।

द युथ के संपादक और सीईओ मृत्युंजय चौबे से बिहार के युवा समाजसेवी मधु पासवान ने लाइव टॉक में चर्चा की, इस दौरान पासवान ने ‘जय भीम – जय मीम’ से लेकर शिया – सुन्नी और आरक्षण आदि विषयों पर खुलकर अपना पक्ष रखा। इस उन्होंने शिया – सुन्नी और जय भीम आदि को लेकर एक बड़ा बयान दिया हैं।

द युथ के सीईओ और संपादक मृत्युंजय चौबे जब पासवान से सवाल किया कि कुछ लोग ‘जय भीम – जय मीम का नारा देते हैं, क्या यह वोटो का समीकरण हैं या फिर कुछ और ? इसका जवाब देते हुए मधु पासवान ने कहा, ‘जब शिया और सुन्नी’ एक नहीं हो पाए तो खाक ‘जय भीम – मीम’ एक हो पाएंगे। उन्होंने कहा की अब =इराक , ईरान, अरब चले जाए वह आज तक एक नहीं हो सके। शिया – सुन्नी के बीच वैचारिक मदभेद हैं लेकिन हैं तो मुसलमान अगर वह एक नहीं हो सकते या हो सके तो क्या खाक जय भीम और मीम एक होंगे।

उन्होंने आगे कहा कि कुछ लोग हिन्दू को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, दलितों और अनुचित जाति और जनजाति को बरगलाकर हिन्दू से अलग करना चाहते हैं। जिस दिन सभी हिन्दू एक हो जायेंगे उस आप देखना इनकी दुकाने बंद हो जाएगी। उन्होंने कहा की हम सनातनी हैं और हम सभी का सम्मान करते हैं उनकी इबादत वह करे और हमारी हम।

उन्होंने यह भी कहा कि हिन्दू धर्म के लोगों ने आज तक किसी की जमींन, भूमि या पूजा स्थलों पर कब्ज़ा नहीं किया हैं। कुल मिलकर उन्होंने खुलकर सभी मुद्दों पर बात की हैं। आपको बता दे कि मधु पासवान बिहार राज्य से आते हैं और समाज में कही जाने वाली दलित समुदाय से आते हैं। वह युवा विचारक और चिंतक हैं।

Written by Devraj Dangi

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