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कांग्रेस मे फुट: अब सोनिया के खास अहमद पटेल ने कहा- गेर-गांधी भी बन सकता है पार्टी अध्यक्ष

कांग्रेस (Congress) के 23 नेताओं द्वारा सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को लिखे पत्र की गूंज कांग्रेस वर्किंग कमिटी (Congress Working Committee) की बैठक में विस्फोटक रही, लेकिन सर्वसम्मति के बाद भी कांग्रेस का अंदरूनी विवाद थमता नहीं दिख रहा है. सीडब्लूसी की बैठक में पत्र पर चर्चा के बाद सभी नेताओं ने सर्वसम्मति से सोनिया गांधी को अगले AICC अधिवेशन तक अंतरिम अध्यक्ष (Interim President) बने रहने का प्रस्ताव पास किया. लेकिन बैठक खत्म होने के तुरंत बाद ही पत्र लिखने वाले नेताओं में कोर नेताओं ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आज़ाद (Ghulam Nabi Azad) के आवास पर देर रात तक बैठक की.

जिसके बाद कपिल सिब्बल (Kapil Sibal), आनंद शर्मा (Anand Sharma), विवेक तन्खा (Vivek Tankha) सहित कई नेताओं ने ट्वीट करना शुरू किया, जिससे साफ समझा जा सकता कि वो सोनिया गांधी को पत्र लिखना अपनी गलती नही बल्कि समय की जरूरत बता रहे हैं.

इस पूरे घटनाक्रम के साथ ही कांग्रेस दो धड़ों में बंटी दिख रही है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल (Ahmed Patel) ने न्यूज़-18 से ख़ास बातचीत में कहा कि गांधी परिवार से बाहर का भी कोई नेता पार्टी अध्यक्ष बन सकता है. बशर्ते वह चुनाव लड़े और जीते. पटेल ने सोमवार को हुई सीडब्ल्यूसी की बैठक मे नए अध्यक्ष के चुनाव को लेकर हुई चर्चा का हवाला देते हुए कहा कि अध्यक्ष पद की चुनावी प्रक्रिया में ग़ैर गांधी भी शामिल हो सकता है. ये कोई नई बात नहीं है.

’23 की चिट्ठी में सही थे कुछ सुझाव’
अहमद पटेल ने आगे कहा कि 2019 लोकसभा चुनाव (Loksabha Elections) में हार के बाद जब राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने इस्तीफा दिया था उस वक्त ही इस बात को साफ किया था कि गैर गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बने ये उनकी इच्छा है. नेताओं की चिट्ठी को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा रही बात 23 नेताओं की चिट्ठी का तो उसमें लिखे कुछ सुझाव सही थे. संसदीय बोर्ड, संवेदनशील मामलों पर विचार-विमर्श कर मीडिया में आया जाए.

‘राहुल ही दे सकते हैं पीएम मोदी को चुनौती’
वही दूसरी तरह संगठन को समझने और कूटनीतिक तौर पर माहिर माने जाने वाले दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) गांधी परिवार के हाथ ही नेतृत्व रहने की बात कर रहे हैं. दिग्विजय सिंह का कहना है कि 2019 में राहुल गांधी को राष्ट्रीय अध्यक्ष से इस्तीफा देना ही नहीं चाहिए था. राहुल गांधी देश में पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के खिलाफ एक चुनौती के रूप के स्थापित हो गए थे. धीरे-धीरे मोदी और राहुल गांधी के बीच का अंतर खत्म हो रहा था. बहरहाल अब जो देश की और पार्टी की स्थिति है ऐसे में कांग्रेस की कमान राहुल गांधी को संभालना चाहिए.

Written by Ojas Nihale

एक लेखक अपनी कलम तभी उठाता हैं, जब उसकी संवेदनाओ पर चोट हुई हों !! पत्रकारिता में स्नातकोत्तर...
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