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कश्मीर की 23 वर्षीय ‘इंशा जान’ ने कि थी पुलवामा हमले में शामिल आतंकियों की मदद, आतंकियों के लिए रहने – खाने की करती थी व्यवस्था

फ़रवरी २०१९ में जम्मू – कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शामिल 19 आतंकियों के खिलाफ राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने पत्र दायर किया हैं। लेकिन इन 19 आरोपियों में एक मात्र २३ वर्षीय महिला इंशा जान का नाम भी शामिल हैं। NIA के मुताबिक पुलवामा के हक़ीरपोरा स्थित उसके घर का इस्तेमाल पुलवामा हमले के दौरान किया गया। इंशा जान के घर से इन आतंकवादियों को रसद पहुंचाने और उनके रुकने की व्यवस्था की।

NIA ने इसी वर्ष मार्च में पुलवामा आतंकी हमले के मामले में एक 50 वर्षीय शख्स तारिक अहमद शाह और उसकी 23 वर्षीय बेटी इंशा जान को गिरफ्तार किया था। बताया जाता हैं कि जम्मू – कश्मीर में पुलवामा जिले के हक़ीरपोरा निवासी हैं और तारिक अहमद एक ट्रैक ड्राइवर हैं।

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Insha Jaan, Credits: Facebook

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 23 वर्षीय इंशा जान वर्ष 2018-19 के दौआर्ण करीब 15 से भी अधिक बार हर बार 2-4 दिनों के लये अपने घर में कई आतंकियों के लिए रहने – खाने की व्यवस्था भी करती थी। जाँच एजेंसी NIA के शुरूआती जाँच और पूछताछ में खुलासा हुआ हैं कि 23 वर्षीय इंशा जान पाकिस्तानी IED बम निर्माता मोहम्मद फारूक से सम्पर्क में रहती थी और कई बार टेलीफ़ोन व अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से उससे लगातार सम्पर्क में रहती थी।

जम्मू – कश्मीर में सक्रीय जैश ए मोहम्मद के आतंकी उमर फारूक को सुरक्षाबलों ने इसी साल मार्च के माह एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। उमर फारूक की पुलवामा हमले में उसकी मुख्य भूमिका बताई गई है। सुरक्षाबलों को फारूक के पास से पाकिस्तान का पहचान पत्र भी मिला था। इससे यह भी साफ़ होता हैं की पुलवामा अटैक में पाकिस्तान का हाथ था।

NIA ने कश्मीर के पुलवामा आतंकवादी हमले की साजिश रचने और उसे अंजाम देने के मामले में मंगलवार (अगस्त 24, 2020) को एक विशेष अदालत में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर समेत 19 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र (चार्ज शीट) दायर की। इस चार्जशीट में जैश ए मोहम्मद के आतंकी उमर फारूक का भी नाम है। आपको बता दे कि भारत में कई आतंकी गतिविधियों और हमलों में जैश ए मोहम्मद का हाथ रहा हैं और उसका मुखिया आतंकी मसूद अजहर पाकिस्तान में सुरक्षित हैं।

जाँच एजेंसी NIA की जाँच में यह भी खुलासा हुआ है कि पुलवामा आतंकी हमले की तैयारियाँ 2 साल पहले से ही की जा रही थीऔर इसे फ़रवरी 2019 में अंजाम दिया गया हैं। यह सिलसिला तब शुरू हुआ, जब आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद अपने आतंकियों को अल कायदा तालिबान जैश ए मोहम्मद और हक्कानी जैश ए मोहम्मद के ट्रेनिंग कैंप में भेजा। आतंकी हमले का मुख्य आरोपित उमर फारूक वर्ष 2016 और 2017 में इस कैंप में ट्रेनिंग लेकर आया था।
पाक में इन सभी आतंकियों को तैयार किया जाता हैं और इन्हे प्रशिक्षण दिया जाता और फिर यह भारत खास जम्मू कश्मीर में आतंकी हमलों को अंजाम देते हैं।

देश को हिला देकर रख देने वाले इस पुलवामा आतंकी हमले की तैयारियां 2018 में शुरू हो चुकी थी। अप्रैल 2018 में आतंकी उमर फारूक ने जम्मू सांबा सेक्टर से घुसपैठ की और पुलवामा पहुँच गया। यहाँ उसे पुलवामा के लिए जैश ए मोहम्मद कमांडर की कमान दी गई। उमर ने अपने पाकिस्तानी साथी मोहम्मद कामरान, मोहम्मद इस्माइल, कारी यासिर और स्थानीय आतंकी आदिल डार और समीर डार के साथ पुलवामा हमले की साजिश रची। इन आतंकियों को पुलवामा की तैयारी करने में मदद करने वाले नामों में से एक नाम इंशा जान का भी है। इंशा जान और उसके पिता तारिक अहमद शाह को मार्च, 2020 में गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलवामा हमले के फिदायीन आतंकी आदिल डार ने हमले से पहले इंशा जान के ही घर में ही ठिकाना बनाया था। तारिक अहमद दक्षिण कश्मीर में डंपर ड्राइवर का काम करता था। कश्मीर में बैठे कुछ राष्ट्रविरोधी लोग हमेशा सेना के खिलाफ साजिश रचते हैं और आतंकियों का साथ देते हैं और देश में आतंकी घटनाओं को अंजाम देते हैं।

यही नहीं पुलवामा हमले के बाद आतंकियों ने जो वीडियो बनाया था वो भी 23 वर्षीय इंशा जान के घर में ही बनाया गया था। इंशा जान और उसके पिता तारिक अहमद के घर का इस्तेमाल फिदायीन आदिल अहमद डार का वीडियो बनाने के लिए भी किया गया था जिसे जैश ए मोहम्मद ने पुलवामा हमले के तुरंत बाद जारी किया था।

पुलवामा आतंकी हमला


आपको बता दे फरवरी 14, 2019 को पुलवामा में श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग पर CRPF की बस पर हमला हुआ था। यह बसे जम्मू से श्रीनगर जा रही थी। दोपहर करीब 3.30 बजे फिदायीन आतंकी आदिल अहमद डार एक कार में आया और उसने CRPF के काफिले में घुसा दी। जिसके बाद बस में बड़ा धमाका हुआ और CRPF के जवानों से भरी बस खाक हो गई। बस के आस-पास जो अन्य वाहन थे, उन्हें भी नुकसान पहुँचा और इस आतंकी हमले में 40 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे। आतंकी हमले के जिम्मेदारी हैश ए मोहम्मद ने ली थी।

Written by Devraj Dangi

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