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पिता पाकिस्तानी मूल के थे इसलिए आतिश की भारतीय नागरिकता हुई समाप्त, मेनस्ट्रीम मिडिया मोदी पर टिपण्णी से जोड़ फैला रहा प्रपंच

एक लेखक और पत्रकार है – आतिश तासीर। इसे ओवरसीज सिटीजनशिप ऑफ इंडिया (OCI) स्टेटस मिला हुआ था। लेकिन गुरूवार (नवंबर 7, 2019) को यह रद्द कर दिया गया है। कारण है – भारतीय गृह मंत्रालय से जरूरी सूचनाएँ छिपाना। दरअसल, ब्रिटेन में जन्मे लेखक व पत्रकार आतिश अली तासीर ने भारत सरकार से जो जरूरी सूचना छुपाई, वह यह थी कि उसके पिता पाकिस्तानी मूल के थे।

गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि नागरिकता अधिनियम 1955 के अनुसार, तासीर ओसीआई कार्ड के लिए अयोग्य हो गया है, क्योंकि ओसीआई कार्ड के लिए बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में वो असमर्थ रहा। उसने अपने पिता के पाकिस्तानी होने की बात अधिकारियों व सरकारी रिकॉर्ड में छिपाई।

बता दें कि ओसीआई कार्ड के नियम 7A में कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति या उसके माता-पिता या दादा-दादी या परदादा-परदादी पाकिस्तान, बांग्लादेश या ऐसे देश जो भारत सरकार के आधिकारिक गजट में अनुसूचित हैं, का नागरिक है, तो वह ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया कार्ड के पंजीकरण के योग्य नहीं है।

आतिश ने कहा- नहीं मिला समय

ब्रिटेन में जन्मे आतिश ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनको जवाब देने के लिए काफी समय नहीं दिया गया था। आतिश तासीर, पत्रकार तवलीन सिंह और दिवंगत पाकिस्तानी राजनेता व व्यवसायी सलमान तासीर के पुत्र हैं। बताया जाता है कि सलमान को उनके ही अंगरक्षकों ने ही पाकिस्तान में ईशनिंदा कानून के खिलाफ बोलने पर गोली मार दी गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आतिश ने आवेदन में अपने माता-पिता के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी थी।

मेनस्ट्रीम मीडया का प्रोपेगेंडा

उल्लेखनीय हे की तासीर ने इस साल की शुरुआत में लोकसभा चुनाव के बाद प्रकाशित टाइम मैगज़ीन में एक आर्टिकल लिखा था। टाइम मैगजीन के कवर पेज पर प्रकाशित इस आर्टिकल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणियां की गईं थीं। और मोदी को डिवाइडर इन चीफ बताया था. इस लेख में आतिश ने भारत सरकार की कार्य प्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए लिखा था कि क्या देश उनकी सरकार को पांच और साल झेल सकता है। इस लेख के बाद तासीर काफी विवादों में रहे थे।
अब मेनस्ट्रीम मिडिया यह प्रोपेगेंडा फैला रहा है की मोदी पर टिपण्णी करने के कारण आतिश का OCI रद्द किया गया हे जबकि असल सच्चाई कुछ और ही हे, जो हम आपको ऊपर बता चुके है !

सरकार द्वारा आतिश के ओसीआई को रद्द किए जाने पर मीडिया हाउस द प्रिंट ने दावा किया कि तासीर के टाइम मैगजीन में इस लेख के लिखने के बाद से ही उसके ओसीआई को रद्द किए जाने पर विचार किया जा रहा था। हालाँकि, विदेश मंत्रालय ने मीडिया हाउस द्वारा फैलाए जा रहे झूठ को पूरी तरह से नकार दिया। विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया कि द प्रिंट की रिपोर्टिंग पूरी तरह से गलत और तथ्यरहित है।

Written by Ojas Nihale

एक लेखक अपनी कलम तभी उठाता हैं, जब उसकी संवेदनाओ पर चोट हुई हों !! पत्रकारिता में स्नातकोत्तर...
कभी सही कभी गलत, जैसा आपका नजरिया !

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