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मृत बच्ची को दफ़नाने गए, तो मिट्टी में दफ़न दूसरी बच्ची जिंदा मिल गयी

‘जाको राखे साइयां, मार सके न कोय’ ये कहावत तो आपने कई बार सुनी होगी लेकिन यह सच हुआ है उत्तर प्रदेश के बरेली में जहां एक मृत बच्ची को दफनाने पहुंचे पिता को उसी के रूप में धरती ने दूसरी बेटी दे दी. दरअसल बरेली में एक महिला ने समय से पहले ही एक बच्ची को जन्म दिया जिसने इस दुनिया में आने के थोड़ी देर बाद ही दम तोड़ दिया. परिवार बेहद गमगीन माहौल में अपनी नजवात बच्ची को दफनाने श्मशान घाट पहुंच गए और जैसे ही गड्ढा खोदा वहां उन्हें एक मटकी में पड़ी दूसरी नवजात बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी.

बच्ची के रोने की आवाज सुनकर वहां मौजूद परिवार बेहद डर गया और वो दौड़कर श्मशान के चौकीदार के पास पहुंचे और उसे पूरी बात बताई. चौकीदार के साथ हिम्मत करके वो दोबारा उस गड्ढे के पास पहुंचे जहां से बच्ची के रोने की आवाज आ रही थी.

(फोटो स्त्रोत- आज तक)

दरअसल गड्ढा खोदते वक्त फावड़े से वह मटकी फूट गई जिसमें उस दूसरी जिंदा नवजात बच्ची को डालकर दफनाया गया था. शोकाकुल परिवार ने इसे ईश्वर का चमत्कार मानते हुए फौरन उस बच्ची को वहां से निकाला और उसे लेकर अस्पताल की तरफ दौड़ गए. वहीं उसी परिवार के अन्य लोगों ने मरी हुई बच्ची को उसी गड्ढे में दफना दिया.
इसकी खबर परिजनों ने तुरंत पुलिस को भी दी जिसके बाद उस बच्ची को जिला अस्पताल के शिशु केयर सेंटर में भर्ती कराया गया है. वहां बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है. चूंकि बच्ची को लोगों ने जमीन खोदकर बाहर निकाला इसलिए स्थानीय लोग उसे सीता के नाम से पुकार रहे हैं.

वहीं दूसरी तरफ पुलिस ने जिंदा बच्ची को दफनाने का अमानवीय कृत्य करने वाले आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है. हालांकि डॉक्टरों ने बच्ची के जांच के बाद बताया कि बच्ची का वजन काफी कम है और खून में इंफेक्शन भी है. उसे वॉर्मर में ऑक्सीजन लगाकर रखा गया है.
बच्ची के जमीन के अंदर मटकी में मिलने की खबर के बाद बिथरी चैनपुर के विधायक राजेश मिश्रा ने उसके लालन-पालन का खर्च उठाने का ऐलान किया है.

Written by Ojas Nihale

एक लेखक अपनी कलम तभी उठाता हैं, जब उसकी संवेदनाओ पर चोट हुई हों !! पत्रकारिता में स्नातकोत्तर...
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