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कलकत्ता यूनिवर्सिटी व् जेएनयू में पढ़े भारतीय मूल के अभिजीत बनर्जी को अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार

अभिजीत की रिसर्च की बदौलत की भारत में 50 लाख बच्चे गरीबी रेखा से बाहर आए हैं.

नई दिल्लीः इस साल का अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार भारतीय मूल के अभिजीत बनर्जी को मिला है. अभिजीत बनर्जी को गरीबी पर अध्य्यन के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. अर्थशास्त्र का ये नोबेल पुरस्कार संयुक्त रूप से अभिजीत बनर्जी के साथ एस्थर डुफ्लो और माइकल क्रेमर को मिला है. अभिजीत बनर्जी का जन्म पश्चिम बंगाल के कोलकाता में हुआ और इन्होंने कलकत्ता यूनिवर्सिटी और जेएनयू में शिक्षा हासिल की है.

वैश्विक गरीबी को कम करने और प्रयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए अभिजीत बनर्जी समेत तीन लोगों को नोबेल मिला है. नोबेल कमेटी ने इसकी जानकारी दी है.

अभिजीत विनायक बनर्जी भारतीय मूल के अमेरिकी अर्थशास्त्री हैं. वह वर्तमान में मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में अर्थशास्त्र के फोर्ड फाउंडेशन इंटरनेशनल प्रोफेसर हैं. इसके साथ ही अभिजीत बनर्जी अब्दुल लतीफ़ जमील पॉवर्टी एक्शन लैब के सह-संस्थापक हैं, जो इनोवेशन फॉर पॉवर्टी एक्शन के अनुसंधान सहयोगी हैं और कंसोर्टियम ऑन फाइनेंशियल सिस्टम्स एंड पॉवर्टी के सदस्य हैं.

भारतीय मूल के अमेरिकी अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी की पत्नी एस्थर डुफलो को भी अर्थशास्त्र का नोबेल देने का एलान हुआ है. अभिजीत की रिसर्च की बदौलत की भारत में 50 लाख बच्चे गरीबी रेखा से बाहर आए हैं. अभिजीत के अलावा इनकी पत्नी एस्थर डुफलो और माइकल क्रेमर को अर्थशास्त्र का भी संयुक्त रूप से अर्थशास्त्र की नोबेल दिया गया है.

अभिजीत बनर्जी के बारे में जानें

अभिजीत बनर्जी का जन्म 21 फरवरी 1961 को कलकत्ता में हुआ था और इनकी मां निर्मला बनर्जी कलकत्ता के सेंटर फॉर स्टडीज इन सोशल साइंसेज में इकोनॉमिक्स की प्रोफेसर रही हैं और पिता दीपक बनर्जी कलकत्ता के प्रेसिडेंसी कॉलेज में प्रोफेसर और अर्थशास्त्र के हेड ऑफ डिपार्टमेंट रहे हैं.

अभिजीत बनर्जी ने 1981 में प्रेसिडेंसी कॉलेज से इकोनॉमिक्स में बी.एस. की डिग्री हासिल की और दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी से 1983 में इकोनॉमिक्स में एम.ए. पूरा किया. इसके बाद 1988 में वो पीएचडी करने के लिए हार्वर्ड यूनिवर्सिटी गए.

इससे पहले 11 अक्टूबर को शांति के नोबेल पुरस्कार का एलान किया गया था. इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद को शांति का नोबेल पुरस्कार दिया गया. यह पुरस्कार उनके देश के पुराने दुश्मन इरिट्रिया के साथ संघर्ष को सुलझाने के लिए दिया गया.

Written by Ojas Nihale

एक लेखक अपनी कलम तभी उठाता हैं, जब उसकी संवेदनाओ पर चोट हुई हों !! पत्रकारिता में स्नातकोत्तर...
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