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आदित्य ठाकरे आज भरेंगे नामांकन,मुंबई में करेंगे शक्ति प्रदर्शन, शिवसेना ने कहा – 100 फीसदी आदित्य ठाकरे ही होंगे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री

मुंबई. इस बार का महाराष्‍ट्र विधानसभा चुनाव शिवसेना के लिए बेहद खास है. पार्टी के अब तक के इतिहास में ऐसा पहली बार है जब ठाकरे परिवार का कोई सदस्‍य चुनावी मैदान में है. बाला साहब ठाकरे के पोते और उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्‍य ठाकरे ने वर्ली से विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है. गुरुवार को नामांकन दाखिल करने के लिए जाते वक्‍त आदित्‍य ने कहा कि वह यही चाहते हैं कि उनके हाथ से अच्‍छे काम के साथ देश की सेवा हो सके. नामांकन दाखिल करने से पहले आदित्‍य रोड शो भी कर रहे हैं.

शिवसेना के वरिष्‍ठ नेता अरविंद सावंत ने इस मौके पर कहा कि वह खुश हैं कि वह जिस परिवार से 35 साल तक जुड़े रहे और आज तक अपने लिए कुछ नहीं मांगा, उसका सदस्‍य चुनाव लड़ने जा रहा है. सावंत ने कहा कि 100 फीसद आदित्‍य ठाकरे ही महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री बनेंगे.

नामांकन के लिए जाने से पहले बाल ठाकरे से आशीर्वाद लेते आदित्य ठाकरे

हाल ही में पार्टी की एक बैठक में उत्साह के साथ आदित्य ने कहा था, ‘मैं चुनाव लड़ रहा हूं. मैंने बड़ा कदम उठाया है. मेरे लिए यह बड़ा क्षण है और ऐतिहासिक है. मेरे खिलाफ किसी को खड़ा होने दीजिए, यह उसका अधिकार है. मैं भयभीत नहीं हूं, क्योंकि मुझे भरोसा है कि आप मुझे हारने नहीं देंगे.’

वहीं शिवसेना को हमेशा राजनीति में मराठी कार्ड खेलने के लिए जाना जाता रहा है. हिंदूवादी लाइन भी शिवसेना की पहचान रही है लेकिन राज्य विधानसभा के चुनावी गणित में अब काफी बदलाव आ चुका है. यही वजह है कि वर्ली इलाके में आदित्य ठाकरे के जगह-जगह पोस्टर-होर्डिंग्स नजर आ रहे हैं. लेकिन ये सिर्फ मराठी में ही नहीं बल्कि और भाषाओं में भी हैं. ये पोस्टर अंग्रेजी, हिन्दी, गुजराती, कुछ दक्षिणी भाषाओं में भी हैं.

वर्ली को माना जाता है शिवसेना का गढ़

वर्ली विधानसभा सीट को शिवसेना का गढ़ माना जाता है. यहां से 2014 में शिवसेना उम्मीदवार सुनील शिंदे ने एनसीपी के कद्दावर नेता सचिन अहीर को हराया था और अब सचिन अहीर ने सेना का दामन थाम लिया है तो ये साफ है कि अदित्य ठाकरे की राह काफी आसान रहने वाली है.

Written by Ojas Nihale

एक लेखक अपनी कलम तभी उठाता हैं, जब उसकी संवेदनाओ पर चोट हुई हों !! पत्रकारिता में स्नातकोत्तर...
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